प्रदेश में कोरोना वायरस की टेस्टिंग क्षमता को 31 मार्च तक दोगुना किया जाएगा। सैंपल लेने की क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी। अगले तीन दिनों में हर राेज सैंपल क्षमता 560 तक लाएंगे। अभी राेजाना की क्षमता 280 की है। सैंपल लेने वाली टीमें और संदिग्ध को क्वारेंटाइन में लाने के लिए जिम्मेदार टीमों में भी जरूरत के मुताबिक वृद्धि की जाएगी। यह निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना नियंत्रण की समीक्षा बैठक में दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सैंपल टेस्टिंग में किसी प्रकार की देर नहीं होना चाहिए। पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट्स की उपलब्धता भी इस महीने के अंत तक 10 हजार तक लाने की पूरी कोशिश की जाए। खरीदी गई पीपीई किट्स की गुणवत्ता का सत्यापन सक्षम विशेषज्ञ प्राधिकारी से कराया जाएगा।
वर्तमान में ये स्थिति...अभी प्रदेश में काेराेना वायरस की टेस्टिंग के लिए 1600 किट स्टॉक में हैं..
3 दिन में 10 हजार टेस्टिंग किट की व्यवस्था कर ली जाएगी... बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि प्रदेश में काेराेना की टेस्टिंग के लिए 1600 किट स्टाक मंें है। अगले तीन दिन में दस हजार की व्यवस्था कर ली जाएगी। इसी के साथ एक लाख किट का अॉर्डर दिया गया है। इसी के साथ पीपीई के किट भी अगले सप्ताह तक 5 हजार रोज आएंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी बैठक ली और निर्देश दिए।
यह निर्देश भी...
- मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर्स और वेंटिलेटर पर्याप्त मात्रा में हों।
- अरविंदो मेडिकल कॉलेज के उस ब्लॉक को तत्काल अधिग्रहित किया जाए, जिसमें इस संक्रमण के इलाज की व्यवस्था है।
- कोरोना के मरीज अन्य मरीजों से अलग रखे जाएं।
- शहडोल मेडिकल काॅलेज के शेष निर्माण कार्य में तेजी लाएं, तााकि यहां केवल कोरोना मरीजों का इलाज हो सके।
- शहडोल सहित अन्य स्थानों पर अस्पतालों में वेंटिलेटर्स की व्यवस्था और जरूरत का विश्लेषण किया जाए।
- जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें भी राशन दिया जाएगा। कोई भूखा न रहे।
- अन्य राज्यों में रुके मप्र के निवासियों के लिए भोजन, दवा और रहने के लिए सुविधा दी जाएं।
- ई-पास की प्रस्तावित व्यस्था का क्रियान्वयन 24 घंटे के लिए स्थगित किया जाए।