कोरोना से जुड़ी शिकायतों के निवारण के लिए शुरू की गई हेल्पलाइन के नंबर अासानी से नहीं लग रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के चलते कई बार लंबे इंतजार के बाद लाइन मिल पाती है। हेल्पलाइन नंबर 104 और 181 पर लोग कॉल कर अपनी समस्या का हल पूछ रहे हैं। उनकी शिकायतों को भी तत्काल संबंधितों तक फॉरवर्ड किया जा रहा है, लेकिन कई बार इसमें 5 मिनट या उससे भी ज्यादा का समय लग रहा है। हेल्पलाइन नंबरों पर रोजाना 60 हजार से ज्यादा कॉल आ रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक सीएम हेल्पलाइन नंबर में भी अभी केवल कोरोना और इससे जुड़ी समस्याओं से संबंधित कॉल लिए जा रहे हैं। ज्यादातर कॉल लॉकडाउन से जुड़ी परेशानी और कोरोना के संभावित खतरों को लेकर हैं।
हेल्पलाइन नंबर में लंबी वेटिंग की सबसे बड़ी वजह कर्मचारियों की कमी है। कोरोना के संक्रमण के डर के चलते बहुत से आउटसोर्स कर्मचारियों को उनके परिजन कॉल सेंटर भेजने को तैयार नहीं है। इस वजह से कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। यही वजह है कि कभी-कभी शिकायतकर्ता को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। लंबी वेटिंग के अलावा कई बार ट्राय करने के बाद भी रिस्पॉस न मिलने से वह वह फिर शिकायत ही नहीं करता।
104 और 181 दोनों मर्ज हैं
अधिकारियों ने बताया कि कॉल सेंटर में 350 से ज्यादा लाइनों की व्यवस्था है। एक शिफ्ट में 230 कर्मचारी लॉगिन कर सकते हैं, लेकिन अभी स्थिति यह है कि 125 कर्मचारी ही एक शिफ्ट में मुश्किल से पहुंच रहे हैं। ज्यादा कॉल 181 पर आ रहे हैं, जबकि 104 पर अब तक करीब 11 हजार कॉल आए हैं। इन लाइनों को साथ में मर्ज किया गया है।
मैसेज कर बुलाने का प्रयास
हेल्पलाइन कॉल सेंटर में कर्मचारियों को बुलाने के लिए प्रेरणादायक मैसेज भेजे जा रहे हैं, ताकि वे काम पर आएं। कई ने आना शुरू भी किया है। यही नहीं उन्हें वीडियो कॉल के माध्यम से भी आने की प्रेरणा दी जा रही और बताया जा रहा है कि सभी सुविधाएं उन्हें कॉल सेंटर में मुहैया करवाई जाएंगी।
लोग सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर भी शिकायत कर सकते हैं
भूपेंद्र परस्ते, प्रभारी, सीएम हेल्पलाइन के मुताबिक, कॉल सेंटर में ज्यादातर युवा काम करते हैं। उनके परिजन उन्हें काम पर आने के लिए अनुमति नहीं दे रहे। इस कारण शिफ्ट में स्टाफ भी आधा हो गया है। हालांकि रोजाना के औसतन 60 हजार कॉल अटेंड हो रहे हैं। कई बार इनकी संख्या एक लाख तक पहुंच रही है। कर्मचारियों को बुलाने के लिए तैयार कर रहे हैं, कई आना भी शुरू हो गए हैं। लोग चाहें तो सीधे सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर भी शिकायत कर सकते हैं। उस पर भी तत्काल कार्रवाई की जाती है।
लोगों को नहीं मिल रही मेयर एक्सप्रेस की सुविधा, सिर्फ टैक्स जमा हो रहा
लॉकडाउन के चलते इन दिनों नागरिकों को मेयर एक्सप्रेस की सुविधा नहीं मिल पा रही है। भोपाल प्लस एप पर नागरिक केवल प्रॉपर्टी टैक्स, वाटर टैक्स और बिजली के बिल ही जमा कर पा रहे हंै। अन्य सुविधाओं की तो बुकिंग पूरी तरह से बंद है। लोगों द्वारा निगम के कॉल सेंटर नंबर 18002330014 पर कॉल करने पर मेयर एक्सप्रेस सेवा बंद किए जाने के पीछे लॉकडाउन को कारण बताया गया। यानि भोपाल प्लस एप पर सिर्फ टैक्स ही जमा किया जा सकता है। ऐसे में बंद के दौरान अपने घरों में छोटा-मोटा काम करने के लिए भी नागरिकों की दिक्कत हो रही है। निगम के इसी कॉल सेंटर पर स्ट्रीट लाइट जैसी शिकायत दर्ज करने से इनकार किया जा रहा है। यहां सिर्फ कॉलोनियों में साफ-सफाई और सैनिटाइजर कराने की शिकायतों पर ही काम हो रहा है।
दोबारा एक्टिव कर रहे हैं
विजय बी दत्ता, आयुक्त, नगर निगम के मुताबिक, मेयर एक्सप्रेस अभी बंद नहीं है। इसे और बेहतर बनाने के लिए मीटिंग बुलाई है। इसमें काम करने वालों की संख्या बढ़ाकर इसे दोबारा एक्टिव किया जा रहा है। अभी कोरोना बड़ी चुनौती है। इसलिए कॉल सेंटर पर साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जा रही है।